मंगलवार, 6 अगस्त 2013

सावधान ... बयानों में गुम हैं समाधान

" लड़ाई बच्चों का खेल नहीं है " ...
 " उनसे पूछो की उनकी सरकार के वक्त ऐसे कितने मामले सामने आए थे " ...
 " सरकार को जरुरी कदम उटाना चाहिए " ...
" हम कबूतर उड़ाते रहते हैं और वो हमारी सीमा के अंदर आकर कत्लेआम मचाते रहते हैं " ...
 " भावनात्मक बातें हो रही हैं हमें मामले को समझने को जरुरत है " ... 
" पूरा देश शहीदों के परिजनों के साथ है " ...
 " टेलीविजन चैनलों पर युद्ध की बात करना आखिरी विकल्प" ... 
" जब कोई क्रिया होती है तो उसकी प्रतिक्रिया होती है "
 " ये युद्धविराम का उल्लंघन है "
 " हमारी विदेश नीति में बदलाव की जरुरत है "
 " आप विदेश नीति की बात करते है हमारी तो नीति ही नहीं है "
 " बातचीत बंद नहीं हो सकती ये तो चलती रहनी चाहिए लेकिन उसका तरीका बदलना होगा "
 " हमें इंटरनेशनल दबाव बनाने की जरुरत है " 
" बयान पर बयान लेकिन समाधान कब " 
***
--- पुंछ में पांच जवानों की हत्या ... 
सीमा में फिर घुसपैठ ... 
कुछ वक्त पहले काटे थे जवानों के सिर
हां ... याद तो है ... 
कारगिल से अब तक क्या सीखा हमने... 
जवानों की शहादत...
और शहादत पर होती सियासत ...
सब देखा है हमने  ....
आखिर क्या मायने रखती है एक जवान की जान ...
 शायद ... ' मेकअप ' के साथ ... चंद अदद बयान ...

1 टिप्पणी:

  1. दोनों देशो के बॉर्डर पर आर्मी का कडा पहरा है
    पर एक का सिपहसलार गूंगा और दुसरे का बहरा है

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